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मस्ती और एक्सरसाइज़ का बेहतरीन मेल है वाकिंग
स्वतंत्रता दिवस पर मधुमेह चौपाल ने कराया ‘वॉक एंड विन कांटेस्ट
इंदौर। मॉल में जमा सैकड़ों लोगों का जमघट और उनके बीच 2 हजार से लेकर 4 हजार क़दम एक बार में चलने का चैलेंज लेते 21 से लेकर 65 वर्ष के लोग। यह नजारा स्वतंत्रता दिवस के दिन दिखाई दिया सी 21 मॉल में हुए ‘वॉक एंड विन कांटेस्ट’ में। सभी प्रतियोगियों के कदम नापने के लिए स्पीडो मीटर का उपयोग किया जा रहा था।
मधुमेह चौपाल द्वारा कराई गई इस अनोखी प्रतियोगिता का उद्देश्य लोगों को स्वस्थ जीवन के लिए इसी एक्सरसाइज़ करने के लिए प्रेरित करना था, जो सेहत बनाने के साथ ही कॉस्ट इफेक्टिव भी हो। आयोजक एंडोक्राइनोलॉजिस्ट डॉ संदीप जुल्का ने कहा कि पैदल चलना सबसे अच्छी एक्सरसाइज़ है। मॉल में पैदल चलना विदेशों में सामान्य बात है क्योकि मॉल में एसी लगा होता है और माहौल भी सुकून देने वाला होता है इसलिए विदेशों में अधिकांश सीनियर सिटीजन मॉल में वॉक करने जाते हैं। इस चलन को हम अपने देश में भी बढ़ावा देना चाहते हैं। इसी उद्देश्य को लेकर हमने मॉल मे यह एक्टिविटी की।
इस दौरान हर कैटेगिरी में कांटेस्ट जीतने वाले 5 प्रतिभागियों को एक-एक हजार रुपए के वाउचर दिए जाएंगे। इस तरह 15 हजार रुपए के वाउचर दिए गए। विजेताओं में 21 वर्षीय संजय वर्मा, 23 वर्षीय सुमित त्रिवेदी, 28 वर्षीय श्रुति यादव के साथ 60 वर्षीय जुगल किशोर गोयल, 62 वर्षीय आरके जैन और कुसुम अग्रवाल ने पुरस्कार जीते।
सिखाया गया सीआरपी का लाइव डेमो
इवेंट के दौरान डॉ ममता बंसल ने सीआरपी का लाइव डेमो दिया। उन्होंने बताया कि सीआरपी आने पर आप आपातकालीन स्थिति में किसी की भी जान बचा सकते हैं। यदि आप किसी को बेहोश होते हुए या हार्ट अटैक आते हुए देखे तो तुरंत उन्हें सीआरपी देकर उनकी जान बचा सकते हैं।
तीन शार्ट फिल्मों का हुआ प्रदर्शन
इस दौरान तीन शार्ट फ़िल्में भी दिखाई गई। पहली शार्ट फिल्म शपथ थी, जो देशभक्ति विषय पर बनी सर्वश्रेष्ठ 10 शार्ट फिल्मों में शामिल है। इस फिल्म में बताया गया है कि आम आदमी को कैसे फौजियों का सम्मान करना चाहिए। दूसरी फिल्म पद्मश्री में शहीदों की कुर्बानियों की कहानी दिखाई गई। तीसरी फिल्म सेहत से जुडी थी, जिसमें दिखाया गया था कि एक बीमारी से घिरा युवा किस प्रकार रस्सी कूदने जैसी सामान्य कसरत के जरिए दवाइयों से निजाद पाकर सामान्य जिंदगी जीने लगता हैं। इस फिल्म की शूटिंग इंदौर, भोपाल, उज्जैन और महेश्वर जैसी लोकेशंस पर फिल्माया गया है। इस मौके पर इन फिल्मों को बनाने वाले टोनी डिसूज़ा ने एक हज़ार रस्सी बिना रुके कुदी जिसे देख दर्शकों में भी उत्साह जाग उठा सभी ने टोनी का कुछ हद तक रस्सी कूद कर साथ भी दिया।
लाइफस्टाइल से जुडी बीमारियों की रोकथाम के लिए पैक्ड फ़ूड कंटेंट पर दे ध्यान

बच्चों को पैक्ड फ़ूड खाना बेहद पसंद होता है पर अक्सर पेरेंट्स पैक्ड फ़ूड में मौजूद इंग्रीडिएंट पर ध्यान नहीं देते हैं। यही कारण है कि बच्चे असंतुलित भोजन करके तेज़ी से मोटापे का शिकार हो रहे हैं। इस स्थिति में सुधार लाने के लिए इवेंट के दौरान डाइटीशियन रक्षा गोयल ने ख़ास टिप्स दिए। उन्होंने कहा की अक्सर पैक्ड फ़ूड खरीदते वक्त हम सिर्फ उसकी कीमत, वेज-नॉनवेज लेबल और एक्सपायरी डेट ही देखते हैं जबकि हमें पैकेट पर फैट, कार्बोहाइड्रेट और कैलोरी की जानकारी भी पढ़ना चाहिए। इससे हम लाइफस्टाइल से जुडी बीमारियां जैसे मोटापा, ब्लड प्रेशर और डाइबिटीज की आशंका 50 प्रतिशत तक काम की जा सकती है।
पैक्ड फ़ूड लेते समय इन बातों का रखें ध्यान
– सभी इंग्रीडिएंट हायर से लोअर साइड में लिखे होते हैं।
– न्यूट्रीशियन कम्पोनेट में फैट, कार्बोहाइड्रेट, सोडियम और प्रेजर्वेटिव से जुडी जानकारी पढ़े। याद रखें आपको इन तत्वों के अन्य नाम भी पता होने चाहिए क्योकि कंपनियां पैकेट पर इनके दूसरे नाम भी इस्तेमाल कर सकती है, जैसे फैट के लिए वेज ऑइल।
– पैक्ड फ़ूड पैकेट पर सर्विंग साइज भी देखे कि इस पैकेट को कितनी बार में खाना है या यह कितने लोगों को सर्व किया जाना चाहिए।
– कोई भी फ़ूड पैकेट लेते वक्त एफएफएसएआई का निशान देखकर ही लें।
100 ग्राम के फ़ूड पैकेट में इन बातों का रखे ध्यान
– फैट 20 ग्राम से कम
– सेचुरेटेड फैट 0. 5 ग्राम से कम
– शुगर 1. 5 ग्राम से कम
– सोडियम 600 मिलीग्राम से कम


